पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार

भेड़िया आया-भेड़िया आया
वाले किस्से से
हमने बचपन में
सीखा था सबक
बार-बार का झूठ
कितना खतरनाक होता है!

इंसानी बस्तियों से
खत्म हो गई
भेड़ियों की प्रजाति
ये भी कम बड़ा झूठ नहीं है!

भेड़िया नहीं है- भेड़िया नहीं है
वाले नए प्रपंच से
हिंदुस्तान की बेटियां
सीख रही हैं
नया सबक!

वो चीख-चीख कर कह रही हैं
भेड़िया आया-भेड़िया आया
और वो इस बार
सच कह रही हैं
क्योंकि
हर चेहरे के पीछे
वो देख रही हैं
एक भेड़िया!

बेटियों को
मत सुनाना और समझाना
‘भेड़िया आया’ वाला
सदियों पुराना किस्सा
क्योंकि
वो सच-मुच
घिरी हैं
भेड़ियों से…

और भेड़ियों का
बार-बार सामने आता ‘क्रूर सच’
पहले से कई-कई गुणा
ज्यादा खतरनाक
भयानक और भयावह है!

– पशुपति शर्मा (2 दिसंबर, 2019)