बदलाव पाठशाला में होली मिलन समारोह

ब्रह्मानंद ठाकुर

बदलाव का होली मिलन समारोह इस बार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित हुआ । मुजफ्फरपुर के पीयर गांव में बदलाव पाठशाला के बच्चों ने होली मिलन मिलन कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया । दोपहर करीब 2 बजे होली मिलन समारोह की शुरुआत हुई । इस समारोह में युवा समाज सेवी डाक्टर श्याम किशोर विशेष रूप से आमंत्रित थे। श्याम किशोर जी को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित दिखे । एक तरफ बच्चों का उत्साह था तो दूसरी तरफ अभिभावकों की उत्सुकता । ये पहली बार था जब अभिभावक अपने बच्चों के हुनकर को करीब से समझने की कोशिश कर रहे थे । खासकर बच्चों ने होली गीत गाकर सबका दिल जीत लिया । बच्चों को होली गीत गाते देख श्याम किशोर जी अपने बाल बनकर को रोक नहीं पाए और बच्चों के साथ होली गीत गुनगुनाले लगे ।

श्याम किशोर ने बच्चों को कलम और किताब भेंट की

बच्चों ने गीत जैसे ही पूरा किया श्याम किशोर जी ने एक और गीत गाना शुरू कर दिया- ‘ लडिका हो गोपाल, कूद पडे जमुना में/ यमुना तट श्याम  खेले होरी/बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में रंग लूटे/ जहां सीता-राम खेले होरी जैसे होली गीतों का समां बांध दिया। बच्चे उन गीतों को दुहराते रहे। वक्त जैसे-जैसे बीत रहा था बच्चों का उत्साह बढ़ता जा रहा था । श्याम किशोर जी बच्चों का उत्साह मंत्रमुग्ध हो गए और खड़े होकर झूम-झूम कर होली गीत गाने लगे।   कुछ पर्दानशीं महिलाएं घरों की खिड़कियों से इस दृश्य को देखने को खुद को रोक नहीं पाईं ।

करीब दो घंटे तक चले इस होली मिलन कार्यक्रम में बच्चों ने एक दूसरे को गुलाल लगाया और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया । डॉक्टर श्याम किशोर जी अपने साथ बच्चों के लिए गिफ्ट भी लाए थे । जिसे खुद उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को वितरित किया । श्याम किशोर जी ने बताया कि बदलाव पाठशाला की इस पहल की खबर सुनकर कारोबारी अरुण कुमार पोद्दार ने बच्चों के लिए कलम और किताब भेजी है । कलम और किताब पाकर बच्चे काफी खुश नजर आए । बदलाव के इस होली मिलने समारोह की तैयारियों में पाठशाला के स्वयंसेवी शिक्षक बिंदेश्वर जी के साथ मिलकर शीलमणि और मणिकांत अहम भूमिका निभाई ।

पिछले साल नोएडा में हुए होली मिलन की तस्वीर

बदलाव का ये दूसरा होली मिलन समारोह है । पिछले साल टीम बदलाव ने होली मिलने के बहाने एक दूसरे से जुड़ने की पहल की थी, नोएडा में हुए एक आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शरीक भी हुए थे, लेकिन इस बार बोर्ड की परीक्षाओं की वजह से टीम बदलाव के कुछ सदस्यों का सुझाव आया कि इस बार होली मिलन फिलहाल टाल दिया जाए । लिहाजा बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए आयोजन टाल तो दिया गया, लेकिन जो संकल्प टीम बदलाव ने लिया था वो जारी है ।


ब्रह्मानंद ठाकुर। बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के निवासी। पेशे से शिक्षक। मई 2012 के बाद से नौकरी की बंदिशें खत्म। फिलहाल समाज, संस्कृति और साहित्य की सेवा में जुटे हैं। गांव में बदलाव को लेकर गहरी दिलचस्पी रखते हैं और युवा पीढ़ी के साथ निरंतर संवाद की जरूरत को महसूस करते हैं, उसकी संभावनाएं तलाशते हैं।

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