नीतू सिंह

कुछ बातें ऐसी होती हैं, तो दिल की गहराइयों से छूकर निकलती हैं और बड़ी दूर तक अपनी छाप छोड़ती है। राजधानी दिल्ली के श्रीराम सेंटर में इस नाटक का मंचन किया गया, जिसे पेश किया था मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश भट्ट ने। डैडी, अर्थ और सारांश जैसी फिल्में बनाने वाले भट्ट जिस नाटक से जुड़ें, उस पर उनकी छाप दिखना लाज़िमी है।

नाटक- बात निकलेगी तो …
लेखक- दिनेश गौतम
निर्देशक- वीरेन बिसोया
कलाकार- इमरान ज़ाहिद, भूमिका, अक्षिता शर्मा
प्रस्तुति- महेश भट्ट

10 जून को शाम 5 और 7.30 बजे श्रीराम सेंटर, मंडी हाउस, दिल्ली में आप भी ये नाटक देख सकते हैं।

बात निकलेगी तो… नाम के इस नाटक में मुख्य पात्र निभाया है जाने माने थिएटर कलाकार इमरान ज़ाहिद ने, जो बिहार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अजय मिश्र नाम के एक ऐसे उम्मीदवार का किरदार मंच पर उतारा है, जिसने बेहद खराब हालात में संघर्ष करते हुए कामयाबी हासिल की। अजय का सपना है सिविल सेवा में पास होकर आईएएस अधिकारी बनना। लेकिन इस सपने की राह में कई रोड़े हैं, मसलन, उनकी ग़रीबी और सामाजिक बहिष्कार से भरा उनका बचपन। लेकिन ये अजय की शिद्दत ही है कि वो घर से निकलने से पहले अपने मां-बाप से ये कहकर निकलते हैं कि कुछ हो जाए तो हमें मत बताइएगा। अब जब हम कुछ बन जाएंगे, तभी वापस लौंटेगे। अजय की इस कहानी में भूमिका सिंह ने भी अहम भूमिका निभाई है, जो उनकी दोस्त और प्रेरणा बनकर सामने आती हैं।

चूंकि थिएटर कला का वो माध्यम है जो ज़िंदगी की वास्तविकता से जुड़ा है। अजय की कहानी में भी दर्शकों को अपनी कहानी नज़र आती है, चाहे वो दोस्तों की बुरी सलाहों को नज़रअंदाज़ कर अपने लक्ष्य पर डटे रहना हो या एक नौजवान दिल में छिपी प्रेम की भावनाओं को छिपाना। कुछ गुदगुदाते डॉयलाग्स के साथ ये कहानी बात तो पुरानी ही करती है लेकिन एक नए अंदाज़ में। लेखक दिनेश गौतम ने टीवी माध्यम को मंच से जोड़ते हुए एक होशियार, पढ़े-लिखे और समझदार नौजवान अजय की कहानी में दिल्ली की तारीख को दिलचस्प अंदाज़ में बयां किया है। निर्देशक वीरेन बिसोया का ये नाटक आम नाटकों से थोड़ा लंबा ज़रूर है, लेकिन यकीनन ये रंगमंच के शौकीन लोगों को उनके दौर में ले जाने में कामयाब होगा।


नीतू सिंह। आगरा, उत्तर प्रदेश की निवासी। इन दिनों दिल्ली में  निवास। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा। साहित्य, संगीत और सिनेमा में गहरी अभिरुचि। 

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