Author Archives: badalav - Page 87

चुनावी शोर में किसानों की फिक्र कर लेना नेताजी

नीलू अग्रवाल बिहार में चुनाव का शोर शुरू हो गया है। इसके साथ ही सियासी दलों के रणनीतिकार जाति के आंकड़ों को जुटाने, उसका विश्लेषण करने और जाति के वोटबैंक…
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‘आफ़ताब’ और ‘सूरज’ से रौशन होना हो तो, खिड़कियां खोल लें

पशुपति शर्मा पटना में चल रहे अनु आनंद राष्ट्रीय रंग महोत्सव के चौथे दिन की दोपहर गांधी के आदर्शों के नाम रही। कटनी से आए नाट्य समूह संप्रेषणा के कलाकारों…
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पटना के रंगमंच पर ‘मेहमान’ की ‘दस्तक’

दस्तक की प्रस्तुति एक दिन का मेहमान । बदलाव प्रतिनिधि निर्मल वर्मा की कहानियों को मंच पर उतारना आसान नहीं है। मगर पटना के प्रेमचंद रंगशाला में निर्देशक सदानंद पाटिल…
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‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

किसानों के बीच नाना पाटेकर एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती जा रही है, जमीन बंजर…
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पटना में राष्ट्रीय रंग महोत्सव – फाइनल कॉल की पहली घंटी

पशुपति शर्मा अनु आनंद राष्ट्रीय रंग महोत्सव का मंच तैयार है। 20 सितंबर शाम बजे होगी विवेचना, जबलपुर की प्रस्तुति। रंगकर्मी दोस्तो। पहली घंटी बज गई है। बस तीन दिन…
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प्रधानमंत्री से सीधे बतियाता है एक गांव

जितेंद्र कुमार देश का एक ऐसा गांव जो सीधे सेवन आरसीआर से संवाद करता है। हम बात कर रहे हैं दिल्ली से करीब 800 किमी दूर बसे जयापुर गांव की जिसकी…
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रूठे बदरा, सूखी ज़मीन… देखो न सरकार

अरुण प्रकाश दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की विडंबना कुछ ऐसी कि एक सूबे के चुनाव में सब कुछ भूल सा गया है । एक राज्य के चुनाव के…
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हर ‘डंडे’ पर ‘सॉरी’ कहना कहां मुमकिन है?

चंदन शर्मा   आदरणीय मोदी जी, ट्वीटर पर सॉरी बोल देने से सब कुछ खत्‍म नहीं हो जाता। चंडीगढ़ में जो कुछ ह़आ कोई पहली घटना नहीं है। वीवीआईपी सुरक्षा के…
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ऐ हिंदी, वो करते रहें फ़िक्र, हम तो तुम पे फिदा हैं

विश्व हिन्दी सम्मेलन, भोपाल से ज़ैग़म मुर्तज़ा विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी। फोटो-पीआईबी हिंदी दुनिया की चौथी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा है। दुनिया भर में 100 करोड़ से…
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सरकार, कैसे हैं मुखियाजी के ‘मास्टरसाब’?

 कुबेरनाथ स्रोत- बिहार के सरकारी स्कूलों की स्थिति में कुछ सुधार तो हुआ है लेकिन शिक्षा में नहीं। लालू राज में स्कूलों की हालत बदतर हो गई थी। उस समय…
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