Author Archives: badalav - Page 154

‘खलनायक’ मर गया…

जयंती पर कथा-सम्राट प्रेमचंद को नमन। प्रेमचंद की जयंती (31 जुलाई) पर कवि नवीन सी चतुर्वेदी की ये कविता। क़लम के जादूगर! अच्छा है, आज आप नहीं हो। अगर होते, तो, बहुत…
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कखन हरब दुख मोर है ‘कमला मैया’

बाढ़ के डर से खेत चारागाह बन गए।- फोटो- रुपेश कुमार मधुबनी से रूपेश कुमार की रिपोर्ट मधुबनी जिले के बिस्फी को कवि कोकिला विद्यापति की जन्मस्थली होने का गौरव…
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वो तो उड़ चला… अनंत की एक और उड़ान पर!

अलविदा दोस्तो-उड़ चला मिसाइलमैन। ये कहानी एक ऐसे 83 साल के ‘नौजवान’ की है, जो बचपन में अख़बार बेचकर अपने भाई को पढ़ाता था। बचपन में जब पता चलता था…
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शहादत पे शान, सियासत से शिकवे

शहीद बेटे की याद में पिता ने बनवाया संग्रहालय। फोटो- विपिन कुमार दास विपिन कुमार दास की रिपोर्ट दरभंगा जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर बेनीपुर अनुमंडल और वहां से…
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RIP कलाम सर- RETURN IF POSSIBLE

किसी दिवंगत आत्माके लिए RIP कहा जाता है, इसका अर्थ होताहै-Rest in peace. भावुक हिंदुस्तान कलाम के लिए RIP कह रहा है, लेकिन इसके मायने हैं -Return if possible. आज सारा…
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कलाम को आख़िरी प्रणाम

जाति, मज़हब, उम्र और युग की दीवारों को पार करके किसी एक शख़्सियत ने पूरे देश का प्यार पाया है तो वो थे डॉ कलाम ! आप हमेशा याद आओगे…
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शोर न मचाना… सांसदजी सोच रहे हैं!

लाल किले से आदर्श गांव का सपना बुना। अब एक साल बाद क्या कहेंगे पीएम मोदी। फोटो लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे भाषण के गिने…
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महिलाएं पूछें- काहे का ‘शेर’पुर

  गांव कोई भी हो, अलसुबह की ये तस्वीर नहीं बदल रही। फोटो- बिहार के सारण ज़िले का शेरपुर गांव। आज़ादी के सात दशक बाद भी अलसुबह की कुछ तस्वीरें…
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नटुआ… ‘सरकारी नाच’ पर मत करिहो सवाल

कलाकार जब सवाल पूछते हैं तो कईयों को तकलीफ़ हो जाती है। फोटो- गांव जवार संस्‍कृति समाज का निर्माण करती है और कलाएं संस्‍कृति व समाज का संरक्षण। इसे ताक…
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ऐ खुदा! रुखसाना मरने पर आमादा क्यों है?

तुझे जीना होगा रुखसाना। बांदा के शेखनपुर गांव की रुखसाना खेती में नुकसान के बाद दाने-दाने को मोहताज।- फोटो- आशीष सागर  दो पल को इस तस्वीर पर आपकी निगाहें टिकी…
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