Author Archives: badalav - Page 147

बिहार के रण में मीडिया के रणबांकुरे

एपी यादव चुनाव प्रचार करते अनुरंजन झा। बिहार की चुनावी चासनी में हर कोई डूबा है। बस इंतजार है तो 8 नवंबर का जब इस चासनी में पककर बिहार का…
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ग़रीबी के जाल में मछली से तड़फड़ा रहे हैं मछुआरे

पुष्यमित्र मचान पर बिछा जाल, अब जाल का यही इस्तेमाल रह गया है। फोटो -पुष्यमित्र जातियों के नाम पर लड़े जा रहे इस चुनाव में निषाद जाति की बड़ी चर्चा…
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तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं

झगरी गांव, मध्य प्रदेश अरुण प्रकाश डीएम साहब सुनते नहीं, सचिव महोदय के पास फुरसत नहीं, सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी ) को परवाह नहीं। अब मैं किसके सामने अपने गांव…
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सुनपेड की ‘दबंग कथा’ पर मीडिया से ‘दबंग’ सवाल

धीरेंद्र पुंडीर हर घटना एक दम LIVE। आंखों के सामने। सच का सच। दूध का दूध, पानी का पानी। शीशे की तरह साफ। ये सब अलग अलग मीडिया की टैगलाइन…
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सूखे खलिहान, कौन लाएगा ‘हरिहर विहान’ ?

पुष्यमित्र मुरझाए खेतों में मुरझाया सा किसान। फोटो-पुष्यमित्र इन दिनों पटना समेत बिहार के सभी शहरों और कस्बों में चौक-चौराहे लाल, पीले और हरे रंगे के होर्डिंग्स से अटे पड़े हैं।…
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‘रावणों’ ने किया एक बेटी का ‘जिंदा-दहन’!

उमरपुर गांव, प्रतापगढ़, यूपी हरिगोविंद विश्वकर्मा वह सपने देखने वाली लड़की थी। देहात और ग़रीब परिवार की लड़की। करियर बनाने का दृढ़ संकल्प ले रखा था। वह पढ़-लिखकर किसी स्कूल…
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रोती-बिलखती मां भी बददुआ नहीं देती

अश्विनी शर्मा चारपाई से पर लेटी मां और पास बंधी भैंस । विख्यात कवि धूमिल के गांव खेवली की पन्ना माई बिलख रहीं हैं। अपने खून से ही दया की…
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बिहार के तीन तिलंगे-व्हाट एन इलेक्शऩ सर जी!

शंभु झा बिहार चुनाव को लेकर काफी कुछ कहा और सुना जा रहा है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी इतनी गहमागहमी नहीं होती होगी जितनी बिहार इलेक्शऩ को…
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गांव शहर बना तो हम हिन्दू-मुस्लिम हो गए !

ज़ैग़म मुर्तज़ा क़रीब दो दशक पहले गांव जाना हमारे लिए अंतर्राष्ट्रीय पिकनिक से कम न था। हफ्ता भर पहले तैयारियां शुरू हो जातीं थी। गांव कोई ऐसा ख़ास दूर नहीं…
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