Author Archives: badalav - Page 146

काश ! ‘कछुआ चाल’ से ही चल पड़े विकास की ‘ट्रेन’

पुष्यमित्र बुलेट ट्रेन की बात करने वाले पीएम मोदी कभी ऐसी ट्रेनों का सफ़र करें। फोटो-पुष्यमित्र वैसे तो यह एक पैसेंजर ट्रेन की कहानी है जो बुलेट ट्रेन के जमाने…
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इस ‘घाव’ को अब पक ही जाने दें!

सचिन कुमार जैन फोटो-सचिन कुमार जैन के फेसबुक वॉल से मैं दिल से चाहता हूँ कि बिहार में उनकी जबरदस्त जीत (विजय नहीं) हो। मैं चाहता हूँ कि वे मांस पर…
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बिहार में किसकी दीवाली, किसका दिवाला?

अगर अग्जिट पोल सही हुए तो बिहार में किसकी दिवाली मनेगी और किसका दिवाला निकलेगा? फिलहाल सियासी दलों के लिए ये लाख टके का सवाल बना हुआ है। आखिरी चरण…
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क़ातिलों, ये खून का मिजाज है!

धीरेंद्र पुंडीर बिहार के प्रसिद्ध चित्रकार राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की कृति। साभार- उनके फेसबुक वॉल से। खून से सने खंजर को साफ करते हुए भीड़ के साथ नारा लगाया एक…
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मुज़फ़्फ़रनगर की ‘भारत मां’

अश्विनी शर्मा मीणा मां के घर में पूरा 'हिंदुस्तान' जिस मुजफ्फरनगर में धर्म के नाम पर मारकाट मची। जब लोग हिंदू-मुस्लिम  के नाम पर मरकट रहे थे, मासूम बच्चों पर…
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बाय-बाय बनैनिया ! तेरी हाय की फिक्र किसे है?

पुष्यमित्र महज पांच साल पहले कोसी नदी के किनारे एक खूबसूरत और समृद्ध गांव था बनैनिया। मिथिलांचल और कोसी के इलाकों को जोड़ने के लिए जब महासेतु बना तो बनैनिया…
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नेताजी, गांवों को जो कहना था कह गए

सत्येंद्र कुमार जयापुर में तो जय-जय करवाते पीएम साहब। पंचायत चुनावों में एक सबक। यूपी पंचायत चुनाव के नतीजे सियासी दलों को आईना दिखाने के लिए काफी हैं । इस…
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समंदर में एक गांव ‘प्यासा’

समंदर मे बसे घारपुरी गांव की एक झलक एक ऐसा गांव जो समंदर के बीच खड़ा है। सूरज की रोशनी, बारिश का पानी और समंदर की मछलियों से ही जिसकी जिंदगी…
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गैरसैंण का मुकद्दर अमरावती सा क्यों नहीं?

पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तर और दक्षिण में सचमुच अंतर है। न केवल जलवायु, भाषा और संस्कृति का बल्कि कार्य पद्धति का भी। आर्य सभ्यता के वंशज द्रविड़ों को कितना ही हेय…
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चुनावी महाभारत ‘बेईमान’… फिर भी नेताजी ‘अच्छे आदमी’ !

पुष्यमित्र शिकवा शिकायत क्या बतियाएं, वोटिंग कर दे रहे हैं। फोटो साभार- बीबीसी “हमारे यहां के चुनावी माहौल के बारे में क्या जानना है? यह बात तो लगभग जग-जाहिर है…
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