Author Archives: badalav - Page 145

गोयनका सम्मान का ‘राम नाम सत्य’

बाबा असहिष्णु आनंद जैसे विश्व भर में सिनेमा प्रेमियों को, खुद अभिनेता-अभिनेत्रियों को, फिल्म समीक्षकों को और सिनेमा के क्षेत्र में सृजनात्मक काम कर रहे लोगों को ऑस्कर पुरस्कारों की…
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एक मज़दूर की आत्मा

ये जो सफेद स्वीमिंग पूल है पूल समझने की तुम्हारी भूल है इसे मैंने मेरे ख़ून से रंगा है तब कहीं ये इतना झकाझक है तुम्हारी ज़िंदगी दौड़ रही है…
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डंडा सें डंडा लड़े, ऊंट लड़े मुंह जोर

बुंदेलखंड: मौनिया दिवारी उत्सव कीर्ति दीक्षित किसी को नीचा दिखाना हो या फिर किसी को बुरा भला कहना हो तो पढ़ा लिखा समाज उसे देहाती या गंवार कहकर पुकारता है।…
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अमेरिका से लौटी ‘भक्तन’ बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश में नहीं, अपने गांव में देखना चाहता था। अपनी माटी…
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बाराह छत्तर मेला, पूर्णिमा बीत गैले… ‘अंधियारा’ छंटलै कि

रूपेश कुमार नेपाल के वराह क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले मेले में कोसी क्षेत्र के हजारो लोग पहुंचते हैं। कोसी इलाके के दुकानदारों की वजह से…
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हिंदु तुरक हम एके जाना- दरिया साहब

सुधा निकेतन रंजनी मध्ययुग में बहुत सारे पंथों और सम्प्रदायों की स्थापना हुई। भारत में इस समय व्यापारों और दस्तकारों का उदय हो रहा था। व्यापार के कारण लोगों की…
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बिना बिजली के चुनावी ‘करंट’ दौड़ रहा है!

अरविंद पांडेय बाहर लालटेन जल रही है...जो छज्जे पर लगे हुक के सहारे टांग दी गई है। रोशनी इतनी ही है कि चेहरे के अलावा कुछ देखने के लिए आंखों…
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मुठभेड़ के नाम पर बंद हो सरकारी हिंसा

दिवाकर मुक्तिबोध आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नौकरी में लेने की पेशकश क्या राज्य में हिंसात्मक नक्सलवाद के ताबूत पर आखिरी कील साबित होगी? शायद हां, पर इसकी पुष्टि…
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‘वीरों की धरती’… लहूलुहान और वीरान क्यों ?

आशीष सागर दीक्षित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित बुंदेलखंड का इलाका पिछले कई सालों से प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेल रहा है। भुखमरी और सूखे की त्रासदी से अब…
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