Author Archives: badalav - Page 144

बांदा के गांव में जिंदा है ‘ठाकुर का कुआं’

आशीष सागर दीक्षित ''आइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप को मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको  जिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब कर मर गई फुलिया…
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सिपाहीजी की पत्नी से मिलें तो कह दें ‘शुक्रिया’

नवनीत सिकेरा की फेसबुक पोस्ट के साथ पुलिसवालों की ज़िंदगी और उनकी जिम्मेदारी को लेकर एक बहस छिड़ी। अमृता कुशवाहा नाम की महिला ने नवनीत सिकेरा की पोस्ट पर टिप्पणी…
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महामना! इन्हें माफ़ कर देना…

महामना एक्सप्रेस की दुर्दशा- मुसाफ़िरों की मेहरबानी भूपेंद्र सिंह कोई भी देश अपने शासक से महान नहीं बनता है, वह महान बनता है अपने लोगों से, अपने समाज से। यदि…
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फंदे से लटकी बेटी… तेरी कहानी कैसे कहें?

संत प्रसाद लखनऊ में सारिका ने खुदकुशी की। इस पर तमाम ख़बरें चल रही हैं। सोशल साइट्स पर भी लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इंडिया टीवी के पत्रकार प्रियदर्शन…
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‘मोटी तोंद’ देखी, ‘फटी बनियान’ भी कभी तो देखो

नवनीत सिकेरा इस फोटो को मैं कई सालों से इंटरनेट पर देख रहा हूँ, पुलिस को लेकर लोग बुरा भला कहते हैं, फिटनेस को लेकर मोटा, गैंडा, ठुल्ला कहते हैं…
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‘लिक्विड ऑक्सीजन’ में ‘डार्लिंग विलेज’

शंभु झा फोटो- कोसी बिहार से अजय कुमार (साभार) मैं अभी हाल में अपने गांव से लौटा हूं। गांव की फितरत साठ के दशक की फिल्मी नायिकाओं जैसी होती है।…
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पूर्णिया में दहशत में क्यों है एक दलित परिवार?

बासु मित्र पूर्णिया के मरंगा गांव और न्यू सिपाही टोला के बीच के बियाबान में बने एक झोपड़े के आगे एक टैंट लगा है। इस टेंट के नीचे एक एसआई और…
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गौर करो… वहां एक रोटी की किल्लत है!

आशीष सागर दीक्षित बाँदा सदर की ग्राम पंचायत जमालपुर में ' अन्नदाता की आखत ' अभियान के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गाँव के अतिगरीब बीस अनुसूचित जाति के लोगों को…
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जाने कहां चले गए गणतंत्र के ऐसे ‘भोले’ नायक?

पुष्यमित्रगणतंत्र दिवस के मौके पर आईये आपको मिलाते हैं बिहार के एक दलित मुख्यमंत्री के परिवार से, जिन्हें तीन बार सीएम बनने का मौका मिला। जी हाँ, यह भोला पासवान…
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फेसबुक की दुनिया से मोहब्बत के दो किस्से

फेसबुकिया मित्र राज झा से अजय कुमार की एक आत्मीय मुलाक़ात। फेसबुक पर मोहब्बतें-एक एक मेरे फ़ेसबूक मित्र हैं राज झा। ये दरभंगा (बिहार) के मनीगाछी – फुलपरास के समीप…
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