Author Archives: badalav - Page 143

जला तन, झुलसा मन… बिना धन कैसे हो इलाज?

प्रतिभा ज्योति चंचल पासवान। एसिड से खाक हुए जिंदगी के कई अरमान। संघर्ष की अंतहीन दास्तान। पटना के मनेर ब्लॉक के छितनावा गांव की चंचल पासवान पर 21 अक्तूबर 2012…
और पढ़ें »

सम्मान वापसी- भावना और तर्क में किसका पलड़ा भारी?

प्रणव मुखर्जी, राष्ट्रपति दिवाकर मुक्तिबोध देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में नामचीन साहित्यकारों, फिल्मकारों, संस्कृतिकर्मियों और वैज्ञानिकों द्वारा राष्ट्रीय सम्मान लौटाने की घटनाओं पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की प्रतिक्रिया…
और पढ़ें »

सेहमलपुरवालों… सोच समझकर चुनना प्रधान

अरुण यादव उत्तर प्रदेश यानी वो राज्य जो देश की सियासत की दिशा और दशा बदलने का माद्दा रखता है। उसी सूबे में इन दिनों पंचायत चुनाव का शोर-शराबा है।…
और पढ़ें »

गोयनका सम्मान का ‘राम नाम सत्य’

बाबा असहिष्णु आनंद जैसे विश्व भर में सिनेमा प्रेमियों को, खुद अभिनेता-अभिनेत्रियों को, फिल्म समीक्षकों को और सिनेमा के क्षेत्र में सृजनात्मक काम कर रहे लोगों को ऑस्कर पुरस्कारों की…
और पढ़ें »

एक मज़दूर की आत्मा

ये जो सफेद स्वीमिंग पूल है पूल समझने की तुम्हारी भूल है इसे मैंने मेरे ख़ून से रंगा है तब कहीं ये इतना झकाझक है तुम्हारी ज़िंदगी दौड़ रही है…
और पढ़ें »

डंडा सें डंडा लड़े, ऊंट लड़े मुंह जोर

बुंदेलखंड: मौनिया दिवारी उत्सव कीर्ति दीक्षित किसी को नीचा दिखाना हो या फिर किसी को बुरा भला कहना हो तो पढ़ा लिखा समाज उसे देहाती या गंवार कहकर पुकारता है।…
और पढ़ें »

अमेरिका से लौटी ‘भक्तन’ बदल रही है गांव

सत्येंद्र कुमार यादव सपनों ने उड़ान भरी और वो पहुंच गई अमेरिका, लेकिन पिता का दिल बेटी की कामयाबी विदेश में नहीं, अपने गांव में देखना चाहता था। अपनी माटी…
और पढ़ें »

बाराह छत्तर मेला, पूर्णिमा बीत गैले… ‘अंधियारा’ छंटलै कि

रूपेश कुमार नेपाल के वराह क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले मेले में कोसी क्षेत्र के हजारो लोग पहुंचते हैं। कोसी इलाके के दुकानदारों की वजह से…
और पढ़ें »

हिंदु तुरक हम एके जाना- दरिया साहब

सुधा निकेतन रंजनी मध्ययुग में बहुत सारे पंथों और सम्प्रदायों की स्थापना हुई। भारत में इस समय व्यापारों और दस्तकारों का उदय हो रहा था। व्यापार के कारण लोगों की…
और पढ़ें »