Author Archives: badalav - Page 117

औरंगाबाद के गांव बरपा में ग्रामीण T-20 का डे-नाइट रोमांच

टीम बदलाव देश में टी-20 का रोमांच है। कोहली की गोली और माही की जय-जय जैसे उदघोष हो रहे हैं। शहरों में कैमरों के सामने हज़ारों-लाखों लोगों का जुनून कैद…
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चाची के हाथ की मछली खाने की ललक

मनोरमा सिंह ये मिश्रा चाची हैं। बरौनी आरटीएस, में मेरे पड़ोस की चाची। मैथिल और अंगिका बोलने वाली चाची, अपनी पीढ़ी में राजनीतिक रूप से जबरदस्त सचेत महिला हुआ करती…
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छत्तीसगढ़ में अन्नदाता के मुआवजे में फिर बंदरबांट

शिरीष खरे अस्सी साल के जगदीश सोनी ने अपने तीन बेटों के साथ 15 एकड़ खेत में धान बोया, मगर सूखे से पूरी फ़सल चौपट हो गई। वे बताते हैं…
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देश की राजधानी में किसानों का मेला

अरुण यादव दिल्ली में कृषि मेला। राजधानी का ताना-बाना खेत-खलिहान वाला नहीं है, लेकिन पिछले हफ्ते देश के सबसे बड़े कृषि अनुसंधान केंद्र में कृषि मेला लगा तो दिल्ली ही…
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पंचायत चुनावों में बगहा का गांव चर्चा में क्यों है?

पुष्यमित्र सर्वसम्मति से चुनी गयीं महिला प्रतिनिधि जहां इन दिनों बिहार का हर गांव पंचायत चुनाव की गहमा-गहमी में डूबा है, पश्चिम चंपारण के बगहा-2 प्रखंड में रहने वाली थारू…
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नाचे तन-मन, नाचे जीवन

हिलता-खिलता-मिलता-जुलता आया होली का त्यौहार। नाचे तन-मन, नाचे जीवन नाचे आंगन, नाचे उपवन रंग-बिरंगी ओढ़ चदरिया धरती लाई नई बहार। टेसू महके, चहके पंछी धुन में अपनी हंस व हंसी…
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नाचे, गाएं, खेलें होली… जोगीरा सा रा रा

गांव घर की होली। फगुआ गान। ‎कालीमंदिर, ‎धमदाहा‬ में गांव की टोली का जोगीरा सा रा रा बासु मित्र पिछले एक दशक से मेरे गांव में भी होली की चमक…
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मुस्कान… आशाओं वाली… उम्मीदों वाली

हेमन्त वशिष्ठ ये तस्वीर आपसे कुछ कहना चाहती है... ये बेफिक्री... कुछ कहना चाहती हैं... कुछ कहना चाहते हैं ये चेहरे... ये चेहरे... अनजाने से... कुछ साफ कुछ धुंधले ...…
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गांव वालों ने लौटाईं अस्पताल की ‘सांसें’

पुष्यमित्र गांव के लोगों के बीच नीली शर्ट में अविनाश कुमार सिंह. जिन्होंने अस्पताल को खुलवाने के लिए उच्च न्यायालय में मुकदमा किया था। फोटो-पुष्यमित्र यह उन हौसले वाले ग्रामीणों…
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गांधी के ग्राम-स्वराज को साकार करता गांव

शिवाजी राय  चमचमाती गलियां, रात को हर चौक-चौराहे पर जलते लैंप पोस्ट, सुबह के वक़्त गलियों में साफ-सफाई करते बच्चे, युवक और बुजुर्गों की टोली, खेतों में लहलहाती नकदी फसलें।…
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