Author Archives: badalav - Page 111

पहली कामयाबी…बड़ा लक्ष्य बाकी है!

धीरेंद्र सिंह, अवर अधिनस्थ सेवा परिक्षा-2013 में चयनित अक्सर देखा जाता है सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत से लोग उसी में सिमट जाते हैं और आगे बढ़ने के लिए…
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साहेब…मेरा मुन्ना घर कब आएगा ?

फोटो- बासु मित्र पुलिस की लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पर रहा है। जहाँ एक तरफ बिहार सरकार के द्वारा बाल संरक्षण और बाल सुधर को लेकर तमाम दावे…
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इस्तीफ़ा कुबूल करें ‘जहांपनाह’

एक इस्तीफ़ा, हमेशा एक व्यक्ति का नहीं होता। वो उन तमाम लोगों की भावनाओं की अभिव्यक्ति होता है, जो अपनी सीमाओं की वजह से ख़ामोशी ओढ़े रखते हैं। पत्रकारिता के…
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जौनपुर से बह चली ‘बदलाव’ की बयार

'बदलाव की चौपाल' मेें नेवादा गांव के लोग गांव में बदलाव का मतलब होता है कच्ची सड़क पक्की हो जाए। खेती में नया प्रयोग, आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल। गांव में…
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तिरंगे के रंग हज़ार

साभार-   तिरंगे के रंग आँखें तभी साफ़ साफ़ देख पाती हैं जब पेट में रोटी होती है, हाथ तिरंगे को तभी मज़बूती से थाम पाते हैं जब उन्हें श्रम…
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जौनपुर के नेवादा गांव में बदलाव की पहली ‘चौपाल’

बिहार के मधेपुरा से शुरू हुआ बदलाव का सफर अब अपने अगले मुकाम की ओर बढ़ चला है। आप सभी के सहयोग से 'बदलाव' ने अब तक गांवों और वहां…
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सब ठाठ धरा रह जायेगा…

तू आया है, तो जायेगा हम रोटी–भात खायेगा। तू लोहा–सोना खोदेगा हम खेत में नागर जोतेगा। तू हीरा-पन्ना बेचेगा हम गाछ पे पानी सींचेगा। तू सेल्फी फोटू खींचेगा हम फटा-चिथन्ना…
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जेएनयू को ‘राष्ट्रद्रोही’ कहना, ‘देशभक्ति’ नहीं है!

विकास दिव्यकीर्ति (एक हज़ार से ज़्यादा शेयर और करीब 3000 लाइक्स। विकास दिव्यकीर्ति ने जेएनयू प्रकरण पर संतुलित राय रखी है। सोशल मीडिया पर साथियों ने अपने अंदाज में ये…
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इंसाफ़ के मंदिर में ये ‘राष्ट्रदूत’ कौन हैं?

गांधी के इस देश में हम कहें चाहें कुछ भी लेकिन जब बड़े मौके आते हैं तो हम अहिंसा के धर्म का पालन नहीं करते। हिंसा के बूते ही अपनी…
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‘उन्माद’ की आग में अपने-अपने चेहरे देख लो

जेएनयू पर चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर जंग चल रही है। आपसे किए वादे के मुताबिक टीम बदलाव संवाद की प्रक्रिया को जारी रख रही है। बस…
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