वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के फेसबुक वॉल से

पत्रकारिता के छात्रों और नये-पुराने तमाम पत्रकारों को NDTV पर प्रणय रॉय का सातवीं में पढ़ने वाली मोहनलालगंज(यूपी) की सुनयना का इंटरव्यू जरुर देखना-सुनना चाहिए। चुनाव रिपोर्टिंग करने गये प्रणय रॉय सौभाग्यशाली रहे कि उनकी मुलाकात सुनयना जैसी बेहद प्रतिभाशाली और मुखर बच्ची से हुई। दलित-उत्पीड़ित समाज के परिवार की सुनयना डॉक्टर बनना चाहती है। इस कच्ची उम्र में ही वह जिस तरह अपने समाज व जीवन पर टिप्पणी करती है, वह इस इंटरव्यू की शानदार उपलब्धि है। बड़े सहज ढंग से वह हमारे ‘विकास के एजेंडे’ की पोल खोलती है, बहुत कन्वींसिंग और तार्किक ढंग से । स्कूल की फीस से ज्यादा उसे स्कूल पहुंचाने वाली वैन को देना पड़ता है। इस तरह की न जाने कितनी सारी बातें वह बोल जाती है, बगैर जाने कि शहरों-कस्बों में रहने वाले असंख्य लोगों को हमारे समाज के इस जटिल यथार्थ का आभास तक नहीं है।

प्रणय रॉय की इस बात के‌ लिए तारीफ करनी होगी कि वह बहुत धैर्यपूर्वक सुनयना का घर से उसके खेत-खलिहान तक एक उत्सुक रिपोर्टर की तरह पीछा करते हैं। खूब बतियाते हैं और उसकी छोटी सी छोटी बात का मर्म समझने (और अपने दर्शकों को समझाने)की कोशिश करते हैं। हमारे न्यूज चैनलों के ज्यादातर एंकर्स इसे न देखें तो ठीक रहेगा। वे इसे समय की बर्बादी समझेंगे। चीखने-चिल्लाने और सत्ताधारियों की भजन करने के उनके सांध्यकालीन कौशल-प्रदर्शन को इससे कोई लाभ नहीं मिलेगा। उनके काम में बेवजह विघ्न ही पड़ेगा। कहीं दिमाग बदल गया और सचमुच पत्रकारिता करने की इच्छा पैदा होने लगी तो अलग आफत।

पूरा इंटरव्यू देखने के लिए नीच दिये लिंक पर क्लिक करें-
https://www.youtube.com/watch?v=qny2DyMujc0&feature=youtu.be