jnu protest 18 febतू आया है, तो जायेगा
हम रोटी–भात खायेगा।
तू लोहा–सोना खोदेगा
हम खेत में नागर जोतेगा।
तू हीरा-पन्ना बेचेगा
हम गाछ पे पानी सींचेगा।
तू सेल्फी फोटू खींचेगा
हम फटा-चिथन्ना फींचेगा।
तू पुलिस फ़ौज संग नाचेगा
हम पोथी-पन्ना बांचेगा।
तू ऊपर चढ़ इतरायेगा
हम नीचे से मुसिकायेगा।
तू सरग-नसैनी धायेगा
हम सागर बन लहरायेगा।
तू तोप-तुपक से गरजेगा
हम झम-झम पानी बरसेगा।
तू शाही भोग उड़ायेगा
हम चना-चबैना खायेगा।
सब ठाठ धरा रह जायेगा
तू अपनी गत को पायेगा।
मुफलिस को और सतायेगा
तेरा लोहा गल जायेगा।
तू पाया है, तो खोयेगा
हम खोया है, तो पायेगा।

uday prakashउदय प्रकाश। साहित्यकार, कवि, फिल्म मेकर। जेएनयू के पूर्व छात्र। अध्ययन-अध्यापन के बाद इन दिनों स्वतंत्र लेखन। साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाकर देश के मौजूदा माहौल पर तल्ख टिप्पणी की। बढ़ती असहिष्णुता को लेकर उनके इस कदम से देश की लोकतांत्रिक संस्कृति और परंपराओं को लेकर लंबी बहस चली। इन दिनों जेएनयू को लेकर जो कुछ चल रहा है, उससे मर्माहत।


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