बासु मित्र

tejasvi -1हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी के बाद देशभर के पिछड़े और दलित छात्रों ने उसे नायक का दर्जा दे दिया है। अब राजद भी रोहित वेमुला के द्वारा पिछड़े युवाओं पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश में जुट गई है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में बिहार के उप–मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि राजद के युवा और छात्र विंग में आंबेडकर के साथ-साथ रोहित का पोस्टर भी लगाया जायेगा। जल्द ही वे रोहित के रिश्तेदारों से मिलने भी जाएंगे। इस मौके पर बदलाव डॉट कॉम के प्रतिनिधि बासु मित्र ने उनसे कई सवाल पूछे और तेजस्वी यादव ने बड़ी सहजता से उनके जवाब दिए।  

मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नीतीश कुमार से शासन-प्रशासन के गुर सीखने पहुंचे बिहार के उप–मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव काफी बदले नजर आ रहे थे। सुबह से ही तेजस्वी न सिर्फ फ़रियाद सुन रहे थे बल्कि अपने अधिकारियों से उसे तुरंत निपटारा करने को भी कह रहे थे। अपने ऊपर लग रहे अनुभवहीनता के आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जिसके घर दो–दो पूर्व मुख्यमंत्री हों, वह कैसे अनुभवहीन कैसे हो सकता है। बचपन से ही सब देखता–समझता आया हूँ। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपना जनता दरबार नहीं लगायेंगे, क्योंकि फरियादी तो यूं ही उनके घर पहुंच जाते हैं।

tejasvi -1बिहार के युवाओं पर बात करते हुए तेजस्वी ने बताया की जब तक प्लानिंग में युवाओं को शामिल नहीं किया जायेगा तब- तक बिहार का विकास नहीं हो सकता। हमारी पार्टी पर इस बार युवाओं और महिलाओं ने ज्यादा भरोसा दिखाया था और हमारा रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा था। इसके साथ हमारी सरकार में भी युवाओं पर काफी जोर दिया जा रहा है। हमारी सरकार के सात निश्चयों में शिक्षा को भी शामिल किया गया है। हम ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के सम्पूर्ण विकास पर काम करेंगे। सरकार बनते ही छात्रों के लिए 4 लाख रूपये का क्रेडिट लोन भी शुरू किया गया है। इसके साथ ही हम उन्हें इस तरह तैयार करेंगे, जिससे वह किसी भी जगह पूरे कांफिडेंस के साथ किसी भी परीक्षा में सफल हो सकें।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स के मामले में बिहार काफी पिछड़ा है। यह चिंता का विषय है। राज्य सरकार अपने तरफ से राजगीर में इंटरनेशनल लेवल का स्टेडियम तैयार करवा रही है। मोइनुलहक स्टेडियम के रिनोवेशन का काम भी हो रहा है। केंद्र सरकार और बीसीसीआई को भी सहयोग करना चाहिए, आखिर कब तक बिहार के लोग टीवी स्क्रीन पर मैच देखते रहेंगे। एसोसिएट मेंबर बनाने से क्रिकेट का विकास नहीं होगा, बिहार को पूर्ण मेंबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। जब तक खुद की रणजी टीम नहीं होगी तब तक खिलाडियों को उनका हक नहीं मिल सकेगा। हमारी सरकार खेलकूद को आगे बढाने के लिए कृत संकल्प है। सरकार की यह कोशिश रहेगी कि बिहार में आर्चरी और शूटिंग जैसे खेल को प्रोत्साहित देने हेतु अपना खुद का रेंज हो ताकि हमारे राज्य के खिलाडियों को प्रशिक्षण के लिए बेहतर माहौल मिल सके और वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन कर सकें।


basu profile

बासु मित्र। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्व विद्यालय के पूर्व छात्र। कई स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े रहे। अख़बारों में नौकरियों के बाद इन दिनों समाज सेवा और स्वतंत्र लेखन।


पूर्णिया में दहशत में क्यों एक दलित परिवार, बासु मित्र की रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें

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