जाने माने साहित्यकार , कवि और लेखक डाक्टर वीरेन नंदा बदलाव के इस साल जून महीने के अतिथि सम्पादक। बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री स्मृति समिति के संयोजक डॉक्टर वीरेन नंदा मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के निवासी हैं। 25 मई 1955 में मुजफ्फरपुर के एक गांव में पैदा हुए वीरेन नंदा ने मुजफ्फरपुर से शिक्षा-दीक्षा लेने के बाद आज हिंदी साहित्य जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई हैं। खड़ी बोली काव्य -भाषा के आंदोलनकर्ता बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री पर बनी फिल्म ‘ खड़ी बोली का चाणक्य‘ फिल्म के पटकथा लेखक एवं निर्देशन का काम किया । साप्ताहिक अखबार ‘ युवा आवाज़ ‘ के प्रकाशन/संपादन का सहयोगी। साहित्यिक पत्रिका ‘मंतव्य’ का संपादन।  ‘कब करोगी प्रारम्भ ‘ काव्यसंग्रह प्रकाशित हो चुका है । अयोध्या प्रसाद खत्री की 150 वीं जयंती के अवसर पर साल 2007 में “स्मृति-ग्रंथ” का प्रकाशन किया । खत्री जी रचित पुस्तक “खड़ी बोली का पद्य” के दोनों भाग का संपादन का काम 2008 में पूरा किया । देश की पत्रिकाओं में कविता आलेख प्रकाशित।  संप्रति स्वतंत्र लेखन ।